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पहाड़ी इलाके: हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की संभावना है, जिससे मैदानी इलाकों में शीतलहर और बढ़ सकती है।

 







जी हाँ, आपका अनुमान बिल्कुल सही है। दिसंबर के अंत में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में सक्रिय
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण बर्फबारी का नया दौर शुरू हो रहा है, जिसका सीधा असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों पर पड़ने वाला है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट (27 दिसंबर 2025) के अनुसार, वर्तमान स्थिति कुछ इस प्रकार है:

1. पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी (Himachal & Uttarakhand)

  • हिमाचल प्रदेश: लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा और कुल्लू के ऊंचे इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी की संभावना है। 30 दिसंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे नए साल (1 जनवरी) तक मध्य और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में व्यापक बर्फबारी हो सकती है।

  • उत्तराखंड: उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जैसे जिलों के ऊंचाई वाले हिस्सों में हिमपात की चेतावनी दी गई है।

2. मैदानी इलाकों पर असर (Cold Wave & Fog)

जैसे ही पहाड़ों से बर्फीली हवाएं नीचे की ओर आएंगी, मैदानी इलाकों में ठिठुरन और बढ़ जाएगी:

  • शीतलहर (Cold Wave): पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में अगले 2-3 दिनों में न्यूनतम तापमान में 3°C से 5°C तक की गिरावट आ सकती है।

  • घना कोहरा (Dense Fog): उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली-NCR में 'घने से बहुत घने कोहरे' का अलर्ट (Red/Orange Alert) जारी किया गया है। विजिबिलिटी (दृश्यता) 50 मीटर से भी कम रह सकती है।

  • कोल्ड डे (Cold Day): पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में दिन का तापमान भी सामान्य से काफी नीचे रहने की संभावना है।

सावधानी और सुझाव

  • यात्रा: अगर आप मनाली, शिमला या औली जाने का प्लान बना रहे हैं, तो रास्तों के बंद होने की खबर जरूर चेक करें। भारी हिमपात से बिजली और सड़क संपर्क प्रभावित हो सकता है।

  • सेहत: बच्चों और बुजुर्गों को शीतलहर से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतें।


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